जंगली जानवरों के आतंक से सिवनी जिले किसान बेहद परेशान
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: संयुक्त संपादक रिपोर्ट
सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में जंगली हिरण, बारहसिंगा और जंगली सुअरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं। घने जंगलों से घिरे होने के कारण, सरगापुर, परतापुर,ढैंकी, टिघरा,भाटीवाडा, खैरी, पुसेरा,मुंगवानी, बाधी,सापापार,किसनपुर,कमकसुर,नैनपार,चारगांव, पीपरडाही,सुकरी, कोहका, और आसपास के इलाकों में ये वन्यजीव हर साल रबी (गेंहू, चना) और खरीफ (मक्का) की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जंगली जानवरों से होने वाला नुकसान और किसानों की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है.
फसलों की बर्बादी हो रही है जंगली सुअर और हिरणों के झुंड रात के समय खेतों में घुसकर गेंहू और चने की फसल को खा जाते हैं और पैरों से कुचलकर पूरी तरह नष्ट कर देते हैं।
मुंगवानी क्षेत्र में जंगली सुअरों ने सैकड़ों एकड़ मक्का, तुअर, मूंग,उडद, की फसल बर्बाद कर दी है, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
रातजगा और डर के कारण मक्का और गेंहू की फसल बचाने के लिए किसान कड़ाके की ठंड में रात भर जागकर रखवाली करने को मजबूर होते रहे हैं।
जंगली जानवरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि अब वे किसानों पर भी हमला कर सकते हैं, जिससे डर का माहौल बना हुआ है।
समाधान के प्रयास और चुनौतियां: वन विभाग से शिकायत की गई फिर भी कोई कार्रवाई नही हूई है.किसान बार-बार वन विभाग को सूचित कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
मुआवजे की मांग: किसान सरकार से फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
नई बीमा नीति (2026): अब केंद्र सरकार ने फसल बीमा योजना में बदलाव किया है, जिसके तहत 2026 से जंगली जानवरों द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई भी बीमा के अंतर्गत की जाएगी।
फसल बचाने के तरीके:
खेतों के चारों ओर कांटेदार झाड़ियां लगाना चाहिए।
खेत में मिर्च पाउडर या गंधयुक्त तरल का छिड़काव करना चाहिए।
पटाखे फोड़कर या तेज आवाज से जानवरों को भगाना चाहिए।
खेत में पुरानी CD या चमकीली पन्नियां टांगना चाहिए।
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