श्रावण महिन्यात कामिक एकादशी उपवास कथेचे अलौकिक महत्त्व टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: नागपूर. सनातन हिंदू धर्मानुसार, श्रावण महिन्यात एकादशी व्रत कथा वाचल्याने भगवान शिव आणि विष्णू यांचे आशीर्वाद आणि मोक्ष मिळतो. सनातन धर्म ग्रंथांनुसार, कामिका एकादशीला भगवान विष्णू आणि माता लक्ष्मीची पूजा केल्याने धन, सुख, शांती, सामाजिक प्रतिष्ठा आणि मोक्ष मिळतो. असे मानले जाते की जर या दिवशी पूर्ण भक्ती …
Read More »राज सत्तासुख लालसा की भूख खतरनाक
राज सत्तासुख लालसा की भूख खतरनाक टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट नई दिल्ली।नीति शास्त्र विशेषज्ञ ऋषि चाणक्य के अनुसार, सत्ता सुख की प्रवृत्ति बहुत खतरनाक हो सकती है।वह सत्तासुख के लिए इंसान को निकम्मा और पागल बना देती है. ऋषि चाणक्य के अनुसार, सत्ता सुख की प्रवृत्ति बहुत खतरनाक हो सकती है। उनका मानना था कि सत्ता में …
Read More »स्वास्थ्य भविष्य के लिए हानिकारक है गुस्सा-तनाव व चिड़चिड़ापन
स्वास्थ्य भविष्य के लिए हानिकारक है गुस्सा-तनाव व चिड़चिड़ापन टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट नई दिल्ली। सदैव गुस्सा, तनाव और चिड़चिड़ापन सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक हो सकता हैं वल्किन तनाव गुस्सा और चिड़चिड़ापन निजी व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक तौर पर राजनैतिक जीवन पर बुरा असर पड सकता है. शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। …
Read More »स्वास्थ्य लाभ के लिए कीजिए श्रावण मास मे रूद्राभिषेक
स्वास्थ्य लाभ के लिए कीजिए श्रावण मास मे रूद्राभिषेक टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट नागपुर। श्रावण मास में रुद्राभिषेक स्वास्थ्य लाभ के लिए एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना गया है। यह भगवान शिव को प्रसन्न करने और रोगों से मुक्ति पाने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है। श्रावण मास में रुद्राभिषेक के लाभ: रोगों से मुक्ति: रुद्राभिषेक विशेष …
Read More »मुंबई में शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का चातुर्मास प्रारंभ
मुंबई में शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का चातुर्मास प्रारंभ टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट मुंबई ।चातुर्मास व्रत पूर्ण करने के लिए ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी सरस्वती महाराज का अपने विशेष शिष्यों के साथ 10 जुलाई को ही मुंबई में आगमन हो चुका हैं *चातुर्मास स्थल मुंबई का पता बोरीवली पश्चिम, कोरा केंद्र मैदान है.* यह कार्यक्रम …
Read More »मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए सावन में जपें यह विवाह मंत्र
मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए सावन में जपें यह विवाह मंत्र0 टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट वाराणसी। वैदिक सनातन धर्म शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में कन्याएं सुयोग्य वर प्राप्ति की मनोकामना लिए सावन सोमवार का व्रत रखती हैं और भोलेनाथ से मनचाहा जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद मांगती हैं। मान्यता भी है कि सावन में सोमवार का …
Read More »घर में सुख समृद्धि के लिए वास्तु शांति पूजन का विधि विवरण
घर में सुख समृद्धि के लिए वास्तु शांति पूजन का विधि विवरण टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट वाराणसी। वास्तु विज्ञान विशेषज्ञों के अनुसार वैदिक विधि-विधान से वास्तु शांति पूजन से घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए की जाने वाली एक महत्वपूर्ण पूजा है। यह पूजा घर में प्रवेश करने से पहले या घर में …
Read More »कावड़ यात्रा मार्ग में बिना नाम और लाइसेंस वाली दुकानें होंगी बंद
कावड़ यात्रा मार्ग में बिना नाम और लाइसेंस वाली दुकानें होंगी बंद टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून मे श्रद्धा और आस्था के महापर्व कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने एक सख्त …
Read More »जानिए सनातन हिन्दू धर्म शास्त्रों में कौऐ चींटी ओर कुत्ते का महत्व
जानिए सनातन हिन्दू धर्म शास्त्रों में कौऐ चींटी ओर कुत्ते का महत्व टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट वाराणसी। प्राचीन समय के ऋषियों मुनियों ने अपने शोध में बताया था की प्रत्येक जानवर के विचित्र व्यवहार एवं हरकतों का कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य होता है. जानवरों के संबंध में अनेको बाते हमारे पुराणों एवं ग्रंथो में भी विस्तार से …
Read More »जानिए श्रीगणेश को गज का सिर लगाया : तो कटा हुआ असली सिर कहां है?
जानिए श्रीगणेश को गज का सिर लगाया?तो कटा हुआ असली सिर कहां है टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट वाराणसी। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान गणेश का असली सिर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा में है. यह गुफा पहाड़ के अंदर 90 फीट नीचे स्थित है और इसे आदि गणेश के नाम से भी जाना …
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