महादुला येथे सामुदायिक ध्यानाचा कार्यक्रम सम्पन्न टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट कोराडी। गुरुदेव सेवामंडल च्या विधमानाने महादुला येथे गुरुवार सकाळी ठिक ६:०० ला श्री. बाबारावजी भालेराव पाटील, महादुला यांच्या घरी आयोजित करण्यात आला होता.ध्यानाच्या महत्वावर व ग्रामगीता अध्याय क्र.१ देवदर्शन च्या महत्त्वावर श्री. निळकंठराव कळंबे गुरुजी, नागपूर जिल्हा सर्वाधिकारी अ.भा.गुरुदेव सेवा मंडळ यांचे मार्गदर्शन लाभले. सामुदायिक ध्यानाच्या कार्यक्रमात उपस्थित मान्यवर. …
Read More »(भाग-63) गीता के अनुसार जो समय पर सोते और जगाते है ऐसे योग पुरुषों के दु:ख मिट जाते हैं।
भाग:63) गीता के अनुसार जो समय पर सोते और जगाते है ऐसे योग पुरुषों के दु:ख मिट जाते हैं। टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट वे मनुष्य जो कर्मफल की कामना से रहित होकर अपने नियत कर्मों का पालन करते हैं वे वास्तव में संन्यासी और योगी होते हैं, न कि वे जो अग्निहोत्र यज्ञ संपन्न नहीं करते अर्थात अग्नि नहीं …
Read More »(भाग-62) श्रीमद्भगवद-गीता के अनुसार जो कोई इस वर्णन को सुनेगा, वह भौतिक संसार से मुक्त हो जाएगा।
भाग:62) श्रीमद्भगवद-गीता के अनुसार जो कोई इस वर्णन को सुनेगा, वह भौतिक संसार से मुक्त हो जाएगा। टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक की रिपोर्ट गोदावरी नदी के तट पर प्रतिष्ठानपुर (पैठण) नाम का एक सुन्दर नगर है, जहाँ मैं पिप्पलेश के नाम से प्रसिद्ध हूँ। उस नगर में जनश्रुति नाम का एक राजा था, जिससे प्रजा बहुत प्रेम करती थी और …
Read More »नागपूर के गणेश टेकडी मंदिर में भक्तों की उत्साह वर्धक भीड
गणेश टेकडी मंदिर में भक्तों की उत्साह वर्धक भीड टेकचंद्र सनोडिया सह-संपादक की रिपोर्ट नागपूर । आज तिलकुट चतुर्थी पर टेकड़ी गणेश मंदिर में सुबह से लगी श्रद्धालुओं की भीड़ तिलकुट चतुर्थी पर टेकड़ी गणेश मंदिर में सुबह से लगी रही। तिलकुट चतुर्थी पर शहर के टेकड़ी गणेश मंदिर सहित सभी गणेश मंदिरों में विघ्नहर्ता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं …
Read More »(भाग-60) गीता में भगवान श्रीकृष्ण समझाते हैं कि सभी प्राणियों की आत्मा मुझ से ही निकली है
भाग:60) गीता में भगवान श्रीकृष्ण समझाते हैं कि सभी प्राणियों की आत्मा मुझ से ही निकली है टेकचंद्र सनोडिया सह-संपादक की रिपोर्ट श्रीमद्-भगवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को समझाते है कि सभी जीवों की आत्मा मुझ से ही निकली है अर्थात वो मैं ही हूँ और उसी को जानना सम्पूर्ण है। सन्यासी वो है जो ज्ञान को समझता है, …
Read More »मथुरा : कृष्ण जन्मभूमी ट्रस्टचा ईदगाहसह जन्मस्थानावर दावा
मथुरा येथील श्रीकृष्ण जन्मभूमी ट्रस्टने प्रथमच ईदगाहसह संपूर्ण जन्मस्थानावर दावा केला आहे. श्रीकृष्ण जन्मभूमी-शाही ईदगाह वादात शुक्रवारी ट्रस्टने दिवाणी न्यायाधीश वरिष्ठ विभागाच्या न्यायालयात ईदगाहसह संपूर्ण जन्मस्थानाच्या जमिनीवर दावा दाखल केला. हा खटला न्यायालयाने मान्य केला. ट्रस्टने ईदगाह बाजूच्या कथित कराराचा हवाला देत दावा दाखल केला. श्रीकृष्ण जन्मभूमी ट्रस्टच्या वतीने विश्वस्त विनोद कुमार बिंदल आणि ओमप्रकाश सिंघल यांनी हा दावा दाखल …
Read More »(भाग-59) के अनुसार मनुष्य जीवन का लक्ष्य है जरा जन्म मरण से मोक्ष को प्राप्त करना
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट श्रीमद-भगवद गीता के अनुसार मनुष्य जीवन का लक्ष्य मोक्ष प्राप्त करना है, जीवन और मृत्यु के चक्कर से बचना, निष्काम कर्म का अगला कदम वही होगा, श्रीकृष्ण यही कहते हैं की जो मनुष्य दोष, दृष्टि से रहित और श्रद्धा युक्त होकर मेरे इस मत का सदा ही अनुसरण करेगा, वह सारे कर्मों के बंधन …
Read More »(भाग-58) श्रीमद-भगवद गीता के अनुसार मृत्यू के समय मनुष्य जिस अवस्था में होगा उसमें प्रवेश करेगा
भाग:58) श्रीमद-भगवद गीता के अनुसार मृत्यू के समय मनुष्य जिस अवस्था में होगा उसमें प्रवेश करेगा टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट भगवद गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन से अक्षर ब्रह्मं योग के बारे में बताया है।अर्जुन ने कृष्ण से आग्रह किया कि वे स्वयं, भगवान और कर्म की प्रकृति के बारे में बताएं। वह कृष्ण से यह भी पूछता है …
Read More »(भाग-57) गीता के अनुसार मन को एकाग्र करके अंन्त:करण की शुद्धि के लिए योग अभ्यास करें।
भाग:57) गीता के अनुसार मन को एकाग्र करके अंन्त:करण की शुद्धि के लिए योग अभ्यास करें। टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट भावार्थ : उस आसन पर बैठकर चित्त और इन्द्रियों की क्रियाओं को वश में रखते हुए मन को एकाग्र करके अन्तःकरण की शुद्धि के लिए योग का अभ्यास करे॥ समं कायशिरोग्रीवं धारयन्नचलं स्थिरः । भावार्थ : काया, सिर और …
Read More »(भाग-56) गीता ज्ञान का सागर है जिसमें गोता लगाकर मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है।
भाग: 56) गीता ज्ञान का अथाह सागर है जिसमें गोता लगाकर मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट श्रीमद-भगवद गीता के अनुसार जैसे अनेक प्रकार की नदियों के जल सब ओर से परिपूर्ण अचल प्रतिष्ठा वाले समुद्र में उसको विचलित न करते हुए ही समा जाते हैं, वैसे ही सब भोग जिस स्थितप्रज्ञ पुरुष में …
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