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धार्मिक

असुरी स्वभाव और नास्तिक मानसिकता के लोग परमात्म तत्व को प्राप्त नहीं कर सकते है?

  टेकचंद्र सनौडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट श्रीमद्भागवत भगवत गीता मे भगवान श्रीकृष्ण चंद्र ने बताया है कि निष्काम भक्ति के द्धारा दुराचारी मनुष्य भी परमात्मा को पा सकता है कि नहीं? परमात्मा की शरण में जाने से कौन-कौन मुक्त हो सकता है? भक्त क्यों बनना चाहिये? परमात्मा की स्थूल और सूक्ष्म उपासना क्यों करनी चाहिए? संतों की वाणी में स्थूल …

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(भाग-4)असुरी स्वाभाव और नास्तिक मानसिकता के लोग परमात्म तत्व को प्राप्त नही कर सकते है?

आन्नद कंद श्रीकृष्ण चंद्र ने गीता मे कहा है कि दुराचारी मनुष्य यदि अनन्य भाव से परमात्मा को भजता है , तो उसके अच्छे संकल्प के कारण वह साधु मानने – योग्य होता है । वह शीघ्र धर्मात्मा हो जाता है और सदा की शान्ति प्राप्त करता है । प्रभु परमात्मा के भक्त को भवसागर की नाशवन्त गतियों से मुक्ति …

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(भाग-3)असुरी स्वभाव एवं नास्तिक मानसिकता के लोग परमात्म तत्व को प्राप्त नहीं कर सकता?-

आनंन्द कंद भगवान श्रीकृष्ण चंद्र ने कहा कि जो लोग धन प्राप्त करने के लिए बहुत अधिक आसक्त हो जाते हैं, तो वह भौतिक संसार है। कोई तृप्ति नहीं है। इदम प्राप्त, वह भगवद गीता शब्द: “मेरे पास इतना पैसा है, अब मेरा बैंक बैलेंस इतना है, और मुझे और पैसा मिलेगा और मेरा बैंक बैलेंस इस तरह होगा ।” …

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(भाग-2) असुरी स्वभाव एवं नास्तिक मानसिकता के लोग परमात्म तत्व को प्राप्त नहीं कर सकते?

भाग-2 आनंद कंद भगवान श्री कृष्ण ने गीता मे कहा है कि आसुरी स्वाभाव और नास्तिक मानसिकता का त्याग करने से तुम मेरी परम शक्ति को देखोगे, तुम्हारे भौतिकवादी विचार और चिंताएं जो राक्षसों और दानवों प्रवृति के लोगों के साथ तुम्हारे संबंध जुुडने से उत्पन्न हुई हैं, तुरंत समाप्त हो जाएंगी। भगवान ने बलि महाराज को सभी प्रकार की …

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असुरी स्वभाव एवं नास्तिक मानसिकता के लोग परमात्म तत्व को प्राप्त नही कर सकते?

आनंदकंद-भगवान,श्री कृष्ण, उन लोगों द्वारा जाने जा सकते हैं जो भक्ति सेवा के निर्वहन के माध्यम से उनके साथ संबंध में हैं, जैसे अर्जुन और उनके अनुयायी। राक्षसी या नास्तिक मानसिकता के लोग कृष्ण को नहीं जान सकते । मानसिक चिन्तन जो मनुष्य को परमेश्वर से दूर ले जाता है, एक गंभीर पाप है, और जो कृष्ण को नहीं जानता …

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अचानक रात में 3 बजे नींद खुलना गहरा दैवीय शक्ति के संकेत

यदि आप की ऊषाकाल मे अचानक नींद खुलती है। तो इसका मतलब सृष्टि व दिव्यशक्ति चाहती है कि आप उठे और अपने इष्टदेव की आराधना करें। आप परामात्मा का जाप करें क्योंकि काफी शक्तियां आपका इंतेजार कर रही है, जो आपको मिल सकती है हम में से अधिकतर लोगों के साथ ऐसा होता है कि हर दिन रात में अचानक …

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महाप्रभु भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की महिमा का गुणगान…!!!

उडीसा। यह आश्‍चर्य चकित करने वाला रहस्‍य है ब्रह्म पदार्थ का रहस्य। मंदिर में भगवान जगन्‍नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं। काष्‍ठ से बनी इन मूर्तियों को प्रत्‍येक 12 वर्ष में बदला जाता है। ऐसी मान्‍यता है कि जगन्नाथ पुरी मंदिर के रहस्य में सबसे बड़ा आश्चर्य ब्रह्मा पदार्थ का रहस्य है। उडीसा में भगवान …

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जानिए प्राचीन वैदिक मेघविज्ञान बनाम भारतीय मान्सून विज्ञान की मंहिमा का वर्णन

🎁ऋग्वेद ने मेघों के साथ धरती के रिश्तों को बड़े ही आत्मीयता के भाव से जोड़ा है। ‘पर्जन्य’ पिता है तो धरती माता है। पर्जन्य पिता का अमृत रस है। इस रस को धरती माता ब्रह्मांड के चराचर जगत् के संवर्धन हेतु धारण करती है। आकाागंंगा से मेघों द्धारा जब वर्षा का अमृत रस गिरता है तो धरती माता खुशी …

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जानिए पितर देवताओं को प्रसन्न करने के उपाय: जीवनभर बनी रहेगी सुख:द-आनंंन्दानुभूति

हमारे वैदिक सनातन धर्म के ज्योतिष शास्त्रों में पितरों को पूजनीय माना गया है. देवों की तरह पितरों की पूजा करने से वे प्रसन्न होकर वंशजों को सदैै आशीर्वाद देते हैं. ज्योतिष शास्त्र में पितर दोषों को दूर करने के लिए कुछ उपायों का जिक्र किया गया है. कहते हैं कि इससे जल्द ही पितृ दोषौं से छुटकारा मिलता है. …

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दुख और कठिनाईयों से छुटकारा पाने के लिए धर्म शास्त्रों का अध्ययन जरुरी है!

कभी-कभी अज्ञानी लोग ऐसी बातें कह देते हैं, जो कि संभव नहीं होती। “वे बातें संभव नहीं होती, इसीलिए तो वे अज्ञानी कहलाते हैं।” एक दिन एक व्यक्ति ने मुझसे कहा, कि “गुरु जी! मुझे ऐसा आशीर्वाद दीजिए, कि मेरे जीवन में कहीं दुख/कठिनाई आए ही नहीं।” तो मैंने उसे उत्तर दिया, कि “धर्म शास्त्रों में लिखा है, ऋषियों ने …

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