काशी-बनारस। सनातन-धर्म के संबंध में संभवत: सनातनी- हिन्दू समाज कम जानते होंगे। ज्यादातर हिन्दुओं को व्रत, त्योहार, परंपरा आदि की ही जानकारी होती है। ऐसे में हर हिन्दुओं को हिन्दू धर्म के संबंध में सामान्य जानकारी पता होना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार का कोई भ्रम ना रहे। 1.सनातन-हिन्दू धर्म का एकमात्र धर्मग्रंथ वेद है। वेद के चार भाग है …
Read More »भद्रावती मे ऊंट पर बैठकर दूल्हा पहुंचा मंडप में: दुल्हन हूई गदगद्
भद्रावती। अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए कई लोग प्रयास करते हैं. इसी चक्कर में कोई दूल्हा घोड़ी पर बैठकर शादी के मंडप में पहुंचता है, तो कोई मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, बैलगाड़ी, घोड़ागाड़ी, हेलीकॉप्टर या छोटे विमान से शादी के लिए पहुंचता है. भद्रावती में एक दूल्हा ऊंट की सवारी करते हुए बाजे गाजे के साथ बारात लेकर मंडप में …
Read More »जात-पात,धर्म,संप्रदाय और क्षेत्रीयवाद बनाम भारतीय राजनीति
इसे दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि जहां राजनीति का आधार शिक्षा, वैज्ञानिक सोच, बराबरी का व्यवहार और जन कल्याण होना चाहिए था, वहां स्वतंत्रता की तीन चौथाई सदी के बाद भी धार्मिकता, जातीवाद, सांदायिकता और क्षेत्रीयवाद का ही बोलबाला चल रहा है। राजनीति के इन स्थायी हो चुके आधारों का विश्लेषण करना वर्तमान परिस्थितियों में जरूरी हो गया है। धार्मिकता …
Read More »मनुष्य के किए हुए शुभ या अशुभ कर्मो का फल अवश्य भोगना पड़ता है! : गोस्वामी जी के विचार
मनुष्य के रूप में अच्छे कर्म के अभ्यास के द्वारा हमारे पास हमारी आध्यात्मिक प्रगति की गति को त्वरित करने के अवसर हैं। ज्ञान और स्पष्टता की हमारी कमी के कारण हम नकारात्मक कर्म को जन्म देते हैं। दयाहीनता खराब फल पैदा करती है, जिसे पाप कहते हैं और अच्छे कर्म से मीठे फलों की प्राप्ति होती है, जिसे पुण्य …
Read More »मनुष्य अकेला जन्म लेता है और अकेला मरता है, फिर कौन है पाप-पुण्य के कर्मों का साक्षीदार?
मनुष्य अकेला जन्म लेता है और अकेला ही मरता है। सारे नाते रिस्तेदार कुटुंब कबीला मित्र दोस्त और हमारे नेतागण सिर्फ श्मशानघाट तक ही जाएंगे। परंतु मनुष्य अपने जीवन में अच्छे और बुरे कर्मों को करता है. मृत्यु के बाद शरीर भले ही नष्ट हो जाती है लेकिन उसके द्वारा किए कर्म जीवित रहते हैं. आचार्य चाणक्य की नीति के …
Read More »जेष्ठ मास की महिमा का विशेष और आलौकिक वर्णन
नई दिल्ली : ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले मंगलवार के दिन भगवान हनुमानजी महाराज की उपासना परम पुण्यकारी बताई गई है. पौराणिक कथा कहती है कि ज्येष्ठ के महीने में ही त्रेतायुग में भगवान राम की मुलाकात वीर बजरंगी हनुमान से हुई थी. इसलिए इस महीने के मंगलवार को बड़ा मंगल कहते हैं. मान्यता है कि इस महीने के …
Read More »गंगा भागीरथ तट पर मंदिरों का शहर बाबा काशी विश्वनाथ नगरी के दर्शन का आलौकिक महत्व
काशी । वाराणसी में मौजूद काशी विश्वनाथ मंदिर की बहुत मान्यता है. दूर-दूर से भक्त यहां आकर बाबा के दर्शन करते हैं. अगर आप भी वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो बाबा के दर्शन के अलावा 5 काम जरूर करें. वरना आपकी यात्रा अधूरी रह यात्राएं बाबा काशी विश्वनाथ को 12 ज्योर्तिलिंगों में …
Read More »2 हजार के नोट दान स्वरूप में त्रंबकेश्वर देवस्थान तथा अन्य धर्म स्थलों में डाले जा रहे
नाशिक। आगामी सितंबर 2023 तक 2000 रुपए के नोट बदलने और उसके बाद बंद रहने की खबर से यहां का नाशिक के त्रंबकेश्वर मंदिर देवस्थान और शिर्डी संस्थान एक बार फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल दो हजार के नोट कम मात्रा में चलन में थे। यह हमेशा अभ्यार्थियों से भरा रहता है और मई की छुट्टियों के दौरान …
Read More »वो जगह जहां पैदा हुए थे हनुमान और हुई थी राम से पहली मुलाकात
किष्किन्धा नगरी । कर्नाटक राज्य के विहंगम दंडकारण्य वन में एक पर्वत है जिसका नाम अंजनी पर्वत है. इसी पर हनुमान का जन्म हुआ था. ये किष्किंधा नगरी में आता था. यहीं दंडकारण्य में ही पहली बार मर्यादापुरुषोत्तम श्री राम से हनुमानजी महाराज से भेंट हुई थी, जब वो वहां सीता जी की खोज वन वन में भटक रहे थे. …
Read More »वैदिक सनातन हिन्दू धर्म मे पाषाण-पत्थर की मूर्ती प्राणप्रतिष्ठा का विशेष महत्व!
वैदिक सनातन हिन्दू धर्म के अनुसार पाषाण यानी पत्थर या धातुय मे विशेषतः पंच्चमहाभूत (पंच्च तत्व) का वास होता है और यह पंच्चमहाभूत प्राकृतिक परमात्मा के द्धारा रचित है। इस संबंध मे पाषण और भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसंधान के मुताबिक भूगर्भ मे स्थित पत्थरों की खुदाई के दौरान पत्थरों से अग्नि की चिनगारी निकलती है। इतना ही नहीं अंधेरे में …
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