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निर्माणाधीन राष्ट्रीय राज्य महामार्ग क्रं.43 उखडना हुआ शुरू : आवागमन में परेशानी बढी

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झारखण्ड। राष्ट्रीय राज्य महामार्ग 43 का निर्माण कार्य चल रहा है। इन दिनों कुनकुरी से झारखंड बॉर्डर शंख नदी पुल तक शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा तेजी से सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है। कंपनी द्वारा लोरो घाट पर काईं गकछार से लेकर जशपुर के गम्हरिया तक एक ओर की सड़क की ढलाई पूरी कर ली गई है। वाहनों का चलना शुरू हो गया है। गर्मी में इस नई सड़क पर कुछ जगहों पर दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। जिसे लेकर लोग घटिया निर्माण की आशंका जता रहे हैं। मामले में कंपनी के अधिकारी का कहना है कि ऐसा गर्मी की वजह से हुआ है और यह कोई विशेष खराबी नहीं है। इसे सुधार लिया जाएगा।
गम्हरिया के नजदीक ही गर्ग हाउस के पास सड़क पर जगह-जगह दरारें दिखा रही है। थोड़ा आगे जाने पर रायगढ़ रोड की ओर बढ़ने पर सीमेंट ढ़लाई वाले इस सड़क पर कई छोटे-छोटे गड्ढे बन गए हैं। नई सड़क पर अभी दरार, टूटफूट व गड्ढे बनने शुरू हो गए हैं। बरसात के बाद गड्ढे बढ़ जाएंगे और सड़क पर कटाव भी ज्यादा होगा। जो सड़क धूप में फट रहे हैं वह बरसात में पहाड़ी इलाके में बहने वाली पानी की तेज धार कैसे बर्दाश्त करेगी। लोगों की चिंता जायज है क्योंकि जिलेवासी बीते 10 साल से घटिया सड़क की मार झेल रहे हैं। सड़क की हालत ऐसी थी कि जशपुर से कुनकुरी के 40 किमी के सफर में डेढ़ से दो घंटे का वक्त लगता था। बसों की टाइमिंग भी इसी हिसाब से सेट हुई थी। बीच-बीच में सड़क सुधार का काम होता था पर इससे पहले जितनी बार सड़क में सुधार या नई सड़क का काम हुआ था, निर्माण कंपनियों ने घटिया स्तर का निर्माण किया था। इसके पीछे जनप्रतिनिधियों की कमीशनखोरी निर्माण कंपनियों के ठेकेदारों ने वजह बताई थी। लंबे समय बाद केन्द्र से जिले को बेहतर क्वालिटी की चौड़ी डामर लैस सीसी सड़क की स्वीकृति मिली है। यह काम बाहर की कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। इसलिए जनता उम्मीद बांध रखी है कि इस बार काम बेहतर होगा और अब जो सड़क बन रही है वह स्थायी होगी।
कंपनी ने कहा- गर्मी के कारण उपरी भाग में आई दरार, रिपेयर कर दिया जाएगा, बेस मजबूत है
नेशनल हाइवे 43 के निर्माणाधीन सड़क पर पड़ी दरार।

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*पत्थलगांव से कुनकुरी की सड़क अब भी खराब*

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पत्थलगांव से कुनकुरी तक एनएच 43 का काम जीवीआर नामक कंपनी ने लिया है। यह कंपनी काम अधूरा छोड़कर भाग चुकी है। बीते तीन साल से यह सड़क खराब पड़ी हुई है। पुरानी सड़क खोद दिए जाने के कारण सड़क कच्ची है और कई जगह बड़े-बड़े गढ्ढ़े हो गए हैं। इन दिनों इस सड़क पर धूल की गुबार से ना सिर्फ राहगीर बल्कि सड़क किनारे के निवासी भी परेशान हैं। बीते बरसात के दिनों में कीचड़ के कारण जगह-जगह गाडि़यां फंस रही थी इस वजह से यह सड़क बंद हो गई थी।
जिले में नेशनल हाइवे 43 का निर्माण कार्य चल रहा है। इन दिनों कुनकुरी से झारखंड बॉर्डर शंख नदी पुल तक शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा तेजी से सड़क निर्माण का काम किया जा रहा है। कंपनी द्वारा लोरो घाट पर काईंकछार से लेकर जशपुर के गम्हरिया तक एक ओर की सड़क की ढलाई पूरी कर ली गई है। वाहनों का चलना शुरू हो गया है। गर्मी में इस नई सड़क पर कुछ जगहों पर दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। जिसे लेकर लोग घटिया निर्माण की आशंका जता रहे हैं। मामले में कंपनी के अधिकारी का कहना है कि ऐसा गर्मी की वजह से हुआ है और यह कोई विशेष खराबी नहीं है। इसे सुधार लिया जाएगा।

गम्हरिया के नजदीक ही गर्ग हाउस के पास सड़क पर जगह-जगह दरारें दिखा रही है। थोड़ा आगे जाने पर रायगढ़ रोड की ओर बढ़ने पर सीमेंट ढ़लाई वाले इस सड़क पर कई छोटे-छोटे गड्ढे बन गए हैं। नई सड़क पर अभी दरार, टूटफूट व गड्ढे बनने शुरू हो गए हैं। बरसात के बाद गड्ढे बढ़ जाएंगे और सड़क पर कटाव भी ज्यादा होगा। जो सड़क धूप में फट रहे हैं वह बरसात में पहाड़ी इलाके में बहने वाली पानी की तेज धार कैसे बर्दाश्त करेगी। लोगों की चिंता जायज है क्योंकि जिलेवासी बीते 10 साल से घटिया सड़क की मार झेल रहे हैं। सड़क की हालत ऐसी थी कि जशपुर से कुनकुरी के 40 किमी के सफर में डेढ़ से दो घंटे का वक्त लगता था। बसों की टाइमिंग भी इसी हिसाब से सेट हुई थी। बीच-बीच में सड़क सुधार का काम होता था पर इससे पहले जितनी बार सड़क में सुधार या नई सड़क का काम हुआ था, निर्माण कंपनियों ने घटिया स्तर का निर्माण किया था। इसके पीछे जनप्रतिनिधियों की कमीशनखोरी निर्माण कंपनियों के ठेकेदारों ने वजह बताई थी। लंबे समय बाद केन्द्र से जिले को बेहतर क्वालिटी की चौड़ी डामर लैस सीसी सड़क की स्वीकृति मिली है। यह काम बाहर की कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। इसलिए जनता उम्मीद बांध रखी है कि इस बार काम बेहतर होगा और अब जो सड़क बन रही है वह स्थायी होगी।

क्वालिटी में कोई कमी नहीं है, गर्मी से आई है दरार

सड़क निर्माण में क्वालिटी में कोई कमी नहीं है। गर्मी में सीमेंट फटता है। कुछ जगहों पर अगर दरार आया है तो यह गर्मी की वजह से है। जहां सड़क में दरार आया है उसे मरम्मत कर दिया जाएगा। अभी बरसात में सड़क के असल डैमेज का पता चलेगा। इसके बाद आंकलन होगा कि इसमें और क्या सुधार होना है। बरसात के बाद और काम होने हैं। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद अगले चार साल तक इसके रख-रखाव व मरम्मत की जिम्मेदारी भी हमारी ही है। कुमार सुनील, मैनेजर, शिवालया कंस्ट्रक्शन।
डेढ़ साल से गर्मी में धूल, बरसात में कीचड़ झेलते हैं
बीते डेढ़ साल से जिलेवासी सड़क की धूल फांक रहे हैं। वर्ष 2018 की बरसात सबसे ज्यादा कष्टदायक रही। क्योंकि सड़क निर्माण के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा था। निर्माण कंपनी ने पुरानी सड़क को खोदकर सड़क के दोनों ओर सड़क चौड़ा करने के लिए मिट्टी सहित अन्य सामग्रियों का भराव किया, पुरानी सड़क खोद दिए जाने के कारण सड़क कच्ची हो गई थी और बरसात में इस सड़क पर चलना मुश्किल हो गया था। बरसात से पहले और बाद में सड़क से उड़ने वाली धूल की गुबार से लोग परेशान रहे। इन दिनों चौड़ीकरण के लिए काम जशपुर से लोदाम शंख नदी पुल तक किया जा रहा है। अभी जशपुर से शंख नदी पुल तक 28 किमी की सड़क पर धूल ही धूल है। एक साइड की सड़क बन जाने से जशपुर से कुनकुरी तक लोगों को राहत मिली

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