कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने रामलीला मैदान का किया निरीक्षण टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी शहर मे कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने 3 आर पार्क,बस स्टैंड, रामलीला मैदान व विद्यालय का निरीक्षण किया है, नगर परिषद अध्यक्ष पलक ग्रोवर को बताया ऊर्जावान युवा अध्यक्ष, रामलीला मैदान के मेले में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा,बैरिकेटिंग मजबूत करने दिए …
Read More »सत्य सनातन हिन्दू धर्म मे सुपात्र को दान करने का महत्व अतुलनीय
सत्य सनातन हिन्दू धर्म मे सुपात्र को दान करने का महत्व अतुलनीय टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट बनारस ।प्राचीन वैदिक सनातन हिन्दू धर्म के अनुसार सुपात्र को ही दान करने का आलौकिक बताया गया है. सनातन धर्म में सुपात्र को दान देना अत्यंत पुण्यकारी और महिमा मंडित कार्य माना जाता है, जिससे व्यक्ति को परलोक में अनंत फल प्राप्त होता …
Read More »चमचागिरी करने वाले वफादार नहीं चुगलखोर
चमचागिरी करने वाले वफादार नहीं चुगलखोर टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट सचमुच मे जी हां चमचागिरी करने वाले वफादार नहीं वल्कि बडे ही असलियत से गुमराह करने वाले चुगलखोर होते है. यह एक मुहावरा या कहावत है जिसका अर्थ है कि जो लोग किसी की खुशामद करते उल्टी सीधी पट्टी पढाते और अपने स्वार्थ साधने के लिए ब्रेनवाश करते हैं, …
Read More »जानिए कान छिदवाना यानी कर्णबेधन संस्कार का वैज्ञानिक महत्व
जानिए कान छिदवाना यानी कर्णबेधन संस्कार का वैज्ञानिक महत्व टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट बनारस। सनातन हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार कान छिदवाने का वैज्ञानिक महत्व एक्यूप्रेशर से जुड़ा है, जहाँ कान के लोब (निचले हिस्से) में दो महत्वपूर्ण एक्यूप्रेशर बिंदु होते हैं: मास्टर सेंसोरियल और मास्टर सेरेब्रल। इन बिंदुओं को उत्तेजित करने से मानसिक संतुलन सुधरता है, तनाव कम …
Read More »नवरात्रि के 9 दिन और 9 शक्तियां : जानिए हर दिन का मतलब
नवरात्रि के 9 दिन और 9 शक्तियां, जानिए हर दिन का मतलब टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट नई दिल्ली।संपूर्ण भारतवर्ष ही नहीं दुनियाभर में नवरात्रि सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागृति, आत्मशुद्धि और शक्ति जागरण का उत्सव है। इन 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग रूपों की पूजा होती है—हर दिन एक विशेष देवी और एक …
Read More »नैसर्गिक परमात्मा सबकुछ देख रहा है उसे कोई गुमराह नहीं कर सकता
नैसर्गिक परमात्मा सबकुछ देख रहा है उसे कोई गुमराह नहीं कर सकता टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट नई दिल्ली। जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरी जी महाराज ने कहा कि हमारे वैदिक सनातन धर्मशास्त्रों के मुताबिक “प्राकृतिक परमात्मा सबकुछ देख रहा है”उसे कोई असलियत से गुमराह नहीं कर सकता है.कहने का अर्थ यह है कि प्रकृति (निसर्ग) और ब्रह्मांड में मौजूद …
Read More »व्यभिचारिणी स्त्री-पुरुषों में नास्तिक सूतक एवं अनिष्ट ग्रह व्याधिदोषों का खतरा
व्यभिचारिणी स्त्री-पुरुषों में नास्तिक सूतक एवं अनिष्ट ग्रह व्याधिदोषों का खतरा नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान- प्रसूति विज्ञान- मनोवैज्ञानिक और ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, प्राकृतिक नियमों का उलंघन और नास्तिक सूतक पातक अनिष्ट ग्रह व्याधिदोषों से ग्रस्त पुरुषों के साथ अनैतिक व अवैध शारीरिक संबंध बनाने वाली तरुण महिलाएं व्याधिदोषों का शिकार बन जाती हैं। दरअसल में नास्तिक सूतक व्याधि और …
Read More »ज्या घरात सासू तिच्या सुनेला स्वतःच्या मुलीसारखे वागवते, तिथे स्वर्ग नांदतो
ज्या घरात सासू तिच्या सुनेला स्वतःच्या मुलीसारखे वागवते, तिथे स्वर्ग नांदतो टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट सनातन धर्मानुसार, ज्या घरात सासू तिच्या मुली आणि सुनेमध्ये फरक करते, तिथे कलह आणि दैवीय शिक्षा निश्चित असते. शिवाय, विविध ग्रहांचे प्रकोप आणि दुष्परिणाम तिथेच राहतात. धर्मशास्त्रानुसार, ज्या घरात सासू आणि सुनेमध्ये सुसंवाद आणि आनंद असतो, तिथे शनि, राहू, केतू आणि अगदी …
Read More »हे मनुष्य मत कर चिंता और नौटंकी ड्रामा करनी का फल निसर्ग तय करेगा!
हे मनुष्य मत कर चिंता और नौटंकी ड्रामा करनी का फल निसर्ग तय करेगा टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट बृंदावन। निसर्ग परमात्मा सबकुछ देख रहा है. इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है.वह सब देख रहा और सुन रहा है. उसके सामने कुछ भी छिपाया नहीं जा सकता है.इसलिए हे मनुष्य किसी भी प्रकार की चिंता और स्वांग करने …
Read More »हे माणसा, काळजी आणि नाटक करू नकोस, तुझ्या कर्मांचे परिणाम निसर्ग ठरवेल
हे माणसा, काळजी आणि नाटक करू नकोस, तुझ्या कर्मांचे परिणाम निसर्ग ठरवेल टेकचंद सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट वृंदावन. निसर्ग सर्व काही पाहत आहे. त्याकडे दुर्लक्ष करता येत नाही. तो सर्व काही पाहत आहे आणि ऐकत आहे. त्याच्यापासून काहीही लपून राहू शकत नाही. म्हणून, हे माणसा, काळजी करण्याची आणि ढोंग करण्याची गरज नाही. श्रीमद् भागवत गीतेनुसार, फक्त तुझे …
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