जीभ पर मां सरस्वती बैठती हैं? समय पर जरूर करने चाहिए ये 3 काम टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 नई दिल्ली। भारतीय वैदिक सनातन धर्मशास्त्रों की माने तो मां सरस्वती ब्रह्म मुहूर्त में हमारी जीभ पर आकर बैठती हैं, जो सुबह 3 से 5 बजे के बीच का समय होता है इस शुभ समय पर जरूर करने ये 3 काम जरुरत …
Read More »कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरीधाम में घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरीधाम में घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक 9822550220 तिगरीधाम। कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरीधाम में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अनुमान है कि 30 लाख लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई। ‘हर-हर गंगे’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद मेले में खरीददारी की …
Read More »बाल सुंदरी परिणय सेवा संस्था द्वारा 8वां सामूहिक विवाह समारोह
बाल सुंदरी परिणय सेवा संस्था द्वारा 8वां सामूहिक विवाह समारोह टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक9822550220 काशीपुर। महानाद बाल सुंदरी सेवा परिणय सेवा संस्था द्वारा आयोजित 8वां सामूहिक विवाह समारोह आज चैती मेला परिसर में सम्पन्न हो समारोह में 31 निर्धन कन्याओं का विवाह धूमधाम से करवाया गया। आपको बता दें कि संस्था के अध्यक्ष आनंद कुमार एडवोकेट के पिता स्व. …
Read More »अग्रवाल महिला संगठन ने दीपावली मिलन समारोह का चमकता पर्व मनाया
अग्रवाल महिला संगठन ने दीपावली मिलन समारोह का चमकता पर्व मनाया। टेकचंद्र शास्त्री : 9822550220 जिला अग्रवाल समाज महिला संगठन एवं अग्रवाल महिला सेवा समिति द्वारा गंगापुर सिटी में उत्साहपूर्वक दीपावली मिलन समारोह मनाया गया। गंगापुर सिटी में जिला अग्रवाल महिला संगठन व अग्रवाल महिला सेवा समिति ने संयुक्त रूप से अग्रवाल धर्मशाला में दीपावली मिलन समारोह का आयोजन …
Read More »भगवान सहस्त्रार्जुन जन्मोत्स्व नागपूर येथे शोभायात्रा थाटात संपन्न
भगवान सहस्त्रार्जुन जन्मोत्स्व नागपूर येथे शोभायात्रा थाटात संपन्न कार्तिक शुक्ल पक्ष सप्तमीला भगवान सहस्त्रार्जुन जन्मोत्सव संपुर्ण देशभरात मोठ्या उत्साहाने साजरा करण्यात आला. त्याच अनूषंगाने दिनांक २९ आक्टोंबर २०२५ कार्तिक शुक्ल पक्ष सप्तमीला भगवान सहस्त्रार्जुन जन्मोत्सवानिमित्त नागपूर येथे भव्य शोभायात्रा काढण्यात आली.हि शोभायात्रा गोलीबार चौक येथुन प्रारंभ होऊन गांजाखेत चौक,गांधीबाग गार्डन, तीननल चौक,भारत माता चौक,नंगापुतळा चौक या परीसरातुन वाजतगाजत नेण्यात आली …
Read More »चुगलखोरी कानाफूसी और ब्रेनवाश करने में निपुण होते हैं नाई-कसाई पुत्र
चुगलखोरी कानाफूसी और ब्रेनवाश करने में निपुण होते हैं नाई-कसाई पुत्र टेकचंद्र शास्त्री:सह-संपादक 9822550220 नई दिल्ली। चाणक्य नीति और मनोविज्ञान के अनुसार कच्चे कान के राजे महाराजाओं और अधिकारियों को असलियत से गुमराह करके मन परिवर्तन मे माहिर होते है नाई और कसाई पुत्र की कहावत चरितार्थ हो रही है.हमारे देश की राजनीति में मे बहुतायत मे नाई-कसाई के …
Read More »वाईट कर्मांचे नकारात्मक परिणाम लवकरच किंवा नंतर अपरिहार्यच
वाईट कर्मांचे नकारात्मक परिणाम लवकरच किंवा नंतर अपरिहार्यच टेकचंद्र शास्त्री: ९८२२५५०२२० सनातन धर्माच्या शास्त्रांनुसार, स्वतःच्या फायद्यासाठी इतरांना हानी पोहोचवणे कधीही चांगले नसते आणि त्याचे अनेक नकारात्मक परिणाम होतात. ते लगेच दिसून येत असले किंवा कालांतराने, त्याचे परिणाम एखाद्याला भोगावे लागतात. आध्यात्मिक आणि मानसिक परिणाम *कर्माचे तत्व:* कर्माच्या नियमानुसार, एखाद्याला त्याच्या कृतींचे फळ मिळते. इतरांना हानी पोहोचवण्याच्या कृतीमुळे …
Read More »बुरे कर्म का बुरा नतीजा आज नहीं तो कल भुगतना ही पडता
बुरे कर्म का बुरा नतीजा आज नहीं तो कल भुगतना ही पडता टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 सनातन धर्म शास्त्रों के अनुसार अपने फायदे के लिए दूसरों का बुरा करने का फल कभी भी अच्छा नहीं होता है और इसके कई नकारात्मक परिणाम होते हैं। चाहे तुरंत दिखाई दे या लंबे समय बाद, व्यक्ति को इसके नतीजे भुगतने पड़ते हैं। …
Read More »अपने देवतुल्य पिता से झूठ छल कपटपूर्ण कार्य करवाना बडा महापाप
अपने देवतुल्य पिता से झूठ छल कपटपूर्ण कार्य करवाना बडा महापाप टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट,9822550220 गरुड़ पुराण के अनुसार,अपने देवतुल्य पिता द्वारा कराए गए झूठ छल कपटपूर्ण गलत कर्मों का फल उसे स्वयं ही भोगना पड़ता है और उसका असर उसकी आने वाली पीढ़ियों, यानी बच्चों को भी भुगतना पड़ सकता है। इस पुराण में कर्मफल का सिद्धांत बहुत …
Read More »कार्तिक शुक्ल पक्ष सप्तमी सहस्त्रार्जुंन महाराज जन्मोत्सव
सहस्त्रार्जुन जन्मोत्सव कार्तिक शुक्ल पक्ष सप्तमीला मोठ्या उत्साहाने साजरा केल्या जाते.सहस्त्रार्जुन क्षत्रिय चंद्रवंशीय राजा होते.सहस्त्रार्जुनचा जन्म महाराज हैह्यवंशातील १० वी पीढीतील माता पद्मिनी यांच्यापासुन झाला.जन्मनाव एकवीर होते.चंद्रवंशाचे महाराज कृतवीर्य यांचे पुत्र असल्यामुळे त्यांना कार्तवीर्य-अर्जुन संबोधल्या जात होते.कृतवीर्य यांचे पुत्र असल्यामुळे कार्तवीर्यार्जुन या नावाने सुध्दा ओळखले जावु लागले.कार्तवीर्याजुन यांनी आपल्या आराधनेच्या माध्यमातून भगवान दत्तात्रेय यांना प्रसन्न केले.त्यामुळे भगवान दत्तात्रेय यांनी युध्दाच्या वेळी कार्तवीर्यार्जुन …
Read More »
विश्वभारत News Website