राम मंदिर मे ध्वजारोहण पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उठाए सवाल टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 वाराणसी।जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि यहां सिर्फ और सिर्फ सब मनमाने तरीके से किया जा रहा है, शास्त्रों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अयोध्या मे मंगलवार को एक भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है. …
Read More »ब्रह्म मुहूर्त में करें ये 3 काम, कष्ट मिटेगा दोगुनी होगी आय
ब्रह्म मुहूर्त में करें ये 3 काम, कष्ट मिटेगा दोगुनी होगी आय टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 प्रयागराज। ब्रह्म मुहूर्त दिन का वह पवित्र समय है जो सूर्योदय से लगभग 1.5 घंटे पहले होता है. आमतौर पर यह समय सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे तक माना जाता है. इसे हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और लाभकारी समय माना गया …
Read More »शिवपुराण कथा श्रवण से प्राणी जन्म-मृत्यु के बंधनों से होता है मुक्त
शिवपुराण कथा श्रवण से प्राणी जन्म-मृत्यु के बंधनों से होता है मुक्त टेकचंद्र शास्त्री: 9130558008 कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी उपनगरीय क्षेत्र न्यू कटनी जंक्शन के व्यासपीठ श्रीहित प्रवीणकृष्ण दासजी ब्रजरजोउपासक के सानिध्य में लगातार नव दिनों तक चले शिवपुराण कथा में यजमान के रूप में सम्मलित हुए, उनके सैकड़ों अनुयायिओं ने गुरदेव महराज के मुखार बिंदु से बाराणसी स्थित …
Read More »उज्जैन मे भगवान कालभैरव का जन्म दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया
उज्जैन मे भगवान कालभैरव का जन्म दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 उज्जैन के भैरवगढ में भगवान काल भैरव का जन्मोत्सव, जिसे काल भैरव जयंती के रूप में भी जाना जाता है, आज 12 नवंबर 2025 को अत्यंत हर्षोल्लास और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। यह त्योहार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को …
Read More »हिन्दू समाज मे मन मुटाव और आपसी भेदभाव की वजह से एकता असंभव
हिन्दू समाज मे मन मुटाव और आपसी भेदभाव की वजह से एकता असंभव टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 नई दिल्ली। पुरातन काल से सनातन हिन्दू धर्म समाज मे आपसी फूट मनमुटाव और भेदभाव की वजह से एकता असंभव है.हिन्दू धर्म में ऊंच-नीच की खाई, जात-पात की खाई और अमीर-गरीब की खाई से जुड़े विचार जटिल हैं, क्योंकि धार्मिक ग्रंथों की मूल …
Read More »नैसर्गिक नियमांच्या उल्लंघनामुळे जीवनात नकारात्मक व्याधी ग्रहांचा धोका
नैसर्गिक नियमांच्या उल्लंघनामुळे जीवनात नकारात्मक व्याधी ग्रहांचा धोका गरुड पुराण, भविष्य पुराण, भारतीय वैद्यकीय शास्त्र, शरीर रचना शास्त्र, मानसशास्त्र आणि ज्योतिषशास्त्रानुसार, नैसर्गिक नियमांचे उलंघना मुळे तरुण पुरुष आणि तरुण महिलांच्या भविष्यातील जीवनासाठी धोका निर्माण करू शकतो. नकारात्मक व्याधिदोषाचे प्रभावामुळे प्रभावित झालेल्या पुरुषांसोबत अनैतिक लैंगिक संबंध तरुणींच्या योनी कमकुवत आणि सैल करतात, ज्यामुळे त्यांच्या सांसारिक जीवनात घट होण्याची शक्यता असते. नकारात्मक …
Read More »परम् ज्ञानी विद्धानो का उपदेश ससम्मानपूर्वक मानना चाहिए
परम् ज्ञानी विद्धानो का उपदेश ससम्मानपूर्वक मानना चाहिए टेकचंद्र शास्त्री: सह-संपादक 9822550220 भारतीय वैदिक सनातन हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार परम ज्ञानी विद्वान गुरु एक देवता के समान माना गया है. इसलिए परम् ज्ञानियोंण के ज्ञानोपदेश को सम्मानपूर्वक मानना चाहिए, यह बात कई कारणों से महत्वपूर्ण है. विद्वान व्यक्ति ने अपने जीवन में ज्ञान प्राप्त करने और अनुभव संचित …
Read More »श्रीकृष्ण परमात्मा का इस मंत्र के उच्चारण से समस्त दु:ख क्लेशों का नाश
श्रीकृष्ण परमात्मा का इस मंत्र के उच्चारण से समस्त दु:ख क्लेशों का नाश टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 श्रीमद् भगवत पुराण अनुसार निम्न मंत्र श्लोक का नित्य प्रतिदिन उच्चारण करने से मनुष्य के समस्त दोषों और क्लेशों का सर्व नाश होता है. इसमे कोई संदेह नहीं है. श्लोक निम्न है: “ऊं कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने.प्रणतं:क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नम.” “ऊं कृष्णाय …
Read More »जानिए नर-नारियों के शरीर मे व्याप्त रोग ताप बाधा व्याधि निवारणार्थ मंत्रोचार
जानिए नर-नारियों के शरीर मे व्याप्त रोग ताप बाधा व्याधि निवारणार्थ मंत्रोचार टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 भारतीय वैदिक सनातन धर्म शास्त्रों के अनुसार समस्त रोग-व्याधियों के निवारण के लिए प्रतिदिन ब्रम्ह मुहूर्त मे नींद से उठ जाइये और शौच कुल्ला दातुन कर जल स्नान से शुद्ध और पवित्र होकर पूर्व यं उत्तर दिशा मुंह करके दीप- धूप जलाएं और महामृत्युंजय …
Read More »नवग्रहों शांति के लिए ब्रम्ह मुहूर्त मे इन मंत्रों का करें ध्यान और जप
नवग्रहों शांति के लिए ब्रम्ह मुहूर्त मे इन मंत्रों का करें ध्यान और जप टेकचंद्र शास्त्री: 9822550220 भारतीय वैदिक सनातन धर्म के अनुसार ब्रम्हमुहूर्त में शौच कुल्ला दातुन और स्नान से निवृत्त होने के पश्चात पूर्व य उत्तर दिशा में मुंह करके आशन में बैठकर निम्न नवग्रह गायत्री मंत्रों का एकाग्र चित से जप और ध्यान करने से एक …
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