भाग :110) गीता ज्ञानेश्वरी के अनुसार जिनकी इंद्रियों के उपद्रव नष्ट हो जाते हैं शांतिप्रिय है वही आत्मज्ञानी टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट गीता ज्ञानेश्वरी के अनुसार योगी लोग इन मानस नोश दाणा करते हैं, परम्तु उनके मनमें ह बावका स्पर्श भी नहीं होता, इसलिए वे कर्म उनके लिए बन्धक नहीं होते। जिस समय कोई मनुष्य पिशाचके चित्तके समान भ्रमिष्ट …
Read More »(भाग:109)श्रीमद्-भगवद गीता के अध्ययन मनन से मन की मलिनता और अहंकार का नाश!
भाग:109)श्रीमद्-भगवद गीता के अध्ययन मनन से मन की मलिनता और अहंकार का नाश! टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट ‘ज्ञानेश्वरी’ में ‘गीता’ के मूल 700 श्लोकों का मराठी भाषा की 9000 ओवियों में अत्यंत रसपूर्ण विशद विवेचन है। अंतर केवल इतना ही है कि यह शंकराचार्य के समान ‘गीता’ का प्रतिपद भाष्य नहीं है। यथार्थ में यह ‘गीता’ की भावार्थदीपिका है। …
Read More »(भाग:107)आत्मनिर्भरता के संघर्ष में प्रेरणा स्रोत रही श्रीमद-भगवत गीता? लोकमान्य तिलक के विचार
भाग:107)आत्मनिर्भरता के संघर्ष में प्रेरणा स्रोत रही श्रीमद-भगवत गीता? लोकमान्य तिलक के विचार टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट श्रीमद्-भगवत गीता के सन्देश के प्रचार प्रसार में डाक विभाग का भी बड़ा योगदान रहा है. 1978 में भगवद्गीता पर जारी पहले स्मारक डाक टिकट की 50 लाख प्रतियां छापी गयी थीं. आज़ादी के अमृत महोत्सव के ज़रिये हम अपनी स्वतंत्रता के …
Read More »जानिए देवी-देवताओं के वैदिक और अमोघ मंत्र शक्तियों का चमत्कार
जानिए देवी-देवताओं के वैदिक और अमोघ मंत्र शक्तियों का चमत्कार टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट हमारे वैदिक सनातन धर्म शास्त्रों के अनुसार देवी- देवताओं के मंत्रों में अपार शक्ति हैं । कई मंत्र ऐसे होते जिनके जपने से हमारे संकट दूर हो जाते हैं। आइए जानें अलग अलग देवताओं के अलग अलग मंत्रों के बारे में। धर्मग्रंथों के अनुसार ताकत, …
Read More »(भाग:106) नैसर्गिक नियमों का पालन एवं धर्म की रक्षा करते हुए जीवन यापन करना ही संपूर्ण गीता सार है।
(भाग:106) नैसर्गिक नियमों का पालन एवं धर्म की रक्षा करते हुए जीवन यापन करना ही संपूर्ण गीता सार है। टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट श्रीमद्-भगवत गीता में 18 अध्याय हैं और यह संस्कृत में परमात्मा द्वारा दी गई थी। समय के साथ संस्कृत भाषा रोजमर्रा की जिंदगी से निकल गई और यह ज्ञान मनुष्य से दूर हो गया। समय-समय पर …
Read More »(भाग :105)गीता के लोकप्रिय श्लोक का महत्त्व
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट श्रीमद-भगवत गीता दुनिया के सबसे श्रेष्ठ ग्रंथों में है, जो न केवल सबसे ज्यादा पढ़ी जाती है, बल्कि कही और सुनी भी जाती है. कहते हैं जीवन के हर पहलू को गीता से जोड़कर व्याख्या की जा सकती है. भारत की सनातन संस्कृति में श्रीमद्भगवद्गीता न केवल पूज्य बल्कि अनुकरणीय भी है. कहते हैं, …
Read More »असंख्य कृष्ण भक्त दुखावले : मनेका गांधी अडचणीत,’ISKCON’कडून १०० कोटींची मानहानीची नोटीस
खासदार मनेका गांधी या इस्कॉन प्रकरणी केलेल्या विधानावरून अडचणीत येण्याची शक्यता आहे. मनेका यांनी जगप्रसिद्ध इस्कॉन संस्थेवर कसाईंना गायी विकल्याचा आरोप केला होता, याची गंभीर दखल घेत ISKCON च्या कोलकाता युनिटने मनेका गांधी यांच्या विरोधात १०० कोटींच्या मानहानीचा खटला दाखल करणार असल्याचे म्हटले आहे. याप्रकरणी भाजप खासदार मनेका यांना नोटीस बजावण्यात आल्याचेही इस्कॉनच्या कोलकाता युनिटने स्पष्ट केले आहे. या संदर्भातील …
Read More »(भाग :104)गीता के लोकप्रिय श्लोक,जिनमें समाहित हैं गूढ़ जीवन-दर्शन और सस्ती लोकप्रियता का त्याग
(भाग :104)गीता के लोकप्रिय श्लोक,जिनमें समाहित हैं गूढ़ जीवन-दर्शन और सस्ती लोकप्रियता का त्याग टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट मद्भगवद्गीता दुनिया के वैसे श्रेष्ठ ग्रंथों में है, जो न केवल सबसे ज्यादा पढ़ी जाती है, बल्कि कही और सुनी भी जाती है. कहते हैं जीवन के हर पहलू को गीता से जोड़कर व्याख्या की जा सकती है. भारत की सनातन …
Read More »(भाग:103) श्रीमद-भगवद गीता अनंंत विभूषित श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदास जी महाराज के प्रवचनों से
भाग:103) श्रीमद-भगवद गीता अनंंत विभूषित श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदास जी महाराज के प्रवचनों से टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट *बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान्मां प्रपद्यते। वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः।।* बहुत जन्मोंके अन्तमें अर्थात् मनुष्यजन्ममें सब कुछ परमात्मा ही है ऐसा जो ज्ञानवान् मेरे शरण होता है वह महात्मा अत्यन्त दुर्लभ है। हिंदी टीका – स्वामी रामसुख दास जी ।।7.19।। व्याख्या बहूनां जन्मनामन्ते …
Read More »(भाग:102) श्रीमद्-भगवत गीता के बारे में जानिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आलौकिक विचार
टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक की रिपोर्ट महात्मा गांधी ने अपने विचारों के कारण देश और दुनिया के लिए प्रेरणास्त्रोत रहे हैं. आपने उनके राजनीतिक, आर्थिक विचारों को तो हमेशा सुना या पढ़ा ही होगा, लेकिन गांधी जी के धार्मिक विचार भी कम पडतेहैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को मनाई जाएगी. 30 जनवरी, 1948 को नाथूराम गोडसे ने …
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