Breaking News

शारीरिक ताकत बढाने के लिए इमली के बीज का पावडर के उपयोग के रामबाण फायदे

Advertisements

शारीरिक ताकत बढाने के लिए इमली के बीज का पावडर के उपयोग के रामबाण फायदे

Advertisements

टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट

Advertisements

नैसर्गिक नियमो के जीवन चर्या की वजह से मनुष्य का स्वास्थ्य भविष्य तबाह हो रहा है और जीवन स्वास्थ्य भविष्य तबाह होने की वजह से मनुष्य के पीछे मृत्यू बडी तेजी से पीछा कर रही है।

 

वर्तमान परिवेश में समाज का होनहार युवा वर्ग स्मोकिंग, ड्रिंकिंग, तंबाकू का सेवन एवं अनियमित दिनचर्या के चलते पुरुषों की शारीरिक क्षमता कमजोर हो रही है। इससे बचने के लिए मंहगी दवाईयों के बजाय आप इमली के बीज का घरेलू नुस्खा आजमा सकते हैं। ये बॉडी को हील करने के साथ खूबसूरती बढ़ाने में भी बहुत फायदेमंद साबित होता है।

 

इमली में विटामिन सी, ई और बी प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसके बीज भी पोषक तत्वों से युक्त होते हैं, इसलिए इसके चूर्ण का सेवन शारीरिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। इसके प्रयोग के लिए इमली को तीन दिनों के लिए पानी में भिगों लें। अब इसका गूदा निकालकर बीजों को समान मात्रा में गुड़ मिलाकर मिक्स कर लें। अब इसकी गोलियां बना लें। अब हर सुबह एवं शाम को दूध के साथ दो गोलियां खाएं

 

जिन लोगों को पेशाब में जलन की समस्या होती है, उनके लिए भी इमली का बीज बहुत फायदेमंद होता है। इसके सेवन के लिए इमली के बीज को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ पीसकर चूर्ण बना लें। अब रोजाना खाली पेट गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच ये चूर्ण लेने से आपकी परेशानी दूर हो जाएगी।

 

जो लोग पिता बनने में सक्षम नहीं हैं उनके लिए भी इमली का चूर्ण लाभकारी होता है। ऐसे लोगों को रोजाना 3 ग्राम इमली के बीज के चूर्ण को उतनी मात्रा में ही मिश्री के साथ मिलाकर खाना चाहिए। ऐसा करीब एक माह तक करने पर समस्या दूर हो जाती है।

 

जिन लोगों को कब्ज, गैस, पेट में जलन एवं पेट फूलने की बीमारी होती है उन्हें भी इमली का प्रयोग करना चाहिए। इस समस्या से बचने के लिए एक चम्मच इमली के बीज के चूर्ण में आधा चम्मच हरड़ या सनाय का चूर्ण मिलाकर खाने से पेट साफ हो जाएगा।

आग से जलने पर भी इमली का उपाय बहुत लाभकारी होता है। इसके लिए इमली की छाल को पीसकर देशी घी में मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाने से आराम मिलता है।

 

इमली सौंदर्य को निखारने में भी उपयोगी साबित होता है। इसमें मौजूद कैल्शियम, पोटेशियम, मैंगनीज, आयरन, फॉस्फोरस और फाइबर त्वचा की टाइटनेस बरकरार रखने में मदद करते हैं। इसलिए इमली के गूदे का फेस पैक चेहरे पर लगाने से झुर्रिरयां खत्म होती हैं।

 

ये त्वचा की रंगत को निखारने में भी फायदेमंद साबित होता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए इमली को हल्के गुनगुने पानी में भिगो दें,जब यह पानी में फूल जाए तो इसका पल्प निकाल लें। अब इस इमली के गूदे को दूध के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर 10 मिनट के लिए लगाकर रखें। इसके सूख जाने पर चेहरा नॉर्मल पानी से धो लें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से असर दिखने लगेगा।

 

ये चेहरे के दाग—धब्बों और ब्लैकहेड्स आदि को दूर करने में भी बहुत उपयोगी है। इसके लिए आप इमली को उबालकर उस पानी को ठंडा कर लें। अब इस पानी से दिन में दो बार चेहरा धोएं। इससे स्किन के बैक्टीरिया खत्म हो जाएंगे। जिससे दानें नहीं निकलेंगे।

 

इमली के गूदे को गुलाब जल एवं चंदन पाउडर के साथ मिक्स करके चेहरे एवं हाथ—पैर पर लगाने से चेहरा चमकदार होता है। इसे लगाने के 10 मिनट बाद हाथों को गीला कर हल्के से 5 मिनट तक सकुर्लर मोशन में मसाज करने से डेड स्किन निकल जाएगी।

 

इमली के बीज का महीन पावडर तीन महिना तक सुबह-शाम 2 तोला इमली बीज पावडर, 2 चम्मच शहद के साथ चाटने और ऊपर से 1 पाव गुनगुना दुग्धपान करने से अद्भुत शारीरिक शक्ति प्राप्त हो सकती है।

 

इमली बीज का चूर्ण पावडर आपके शहर में आयुर्वेदिक दुकान, जडी बूटी बिक्रेता य पंसारी की दुकान मे आसानी से उपलब्ध हो सकता है। विदित है कि सुगर के मरीजों ने सुगर नियंत्रण के पश्चात ही उपरोक्त औषधीय का उपयोग करना चाहिए? अन्यथा नहीं!

 

सहर्ष सूचनार्थ नोट्स:-

उपरोक्त लेख सामान्य ज्ञान की दृष्टिकोण से आयुर्विज्ञान अध्ययन तथा आयुर्विज्ञान विशेषज्ञ के कुशल मार्गदर्शन से यह जानकारी संकलित की गई है। कृपया अपनी संका समाधान के लिए उपयोग के पूर्व चिकित्स विशेषज्ञ की सलाह जरुरी है। धन्यवाद

Advertisements

About विश्व भारत

Check Also

पेेट की चर्बी कम करने के लिए 6 बातों का रखें ख्याल? बढा पेट अंदर होने लगेगा!

पेेट की चर्बी कम करने के लिए 6 बातों का रखें ख्याल? बढा पेट अंदर …

आयुर्वेद के अनुसार जितनी लंबी उम्र, उतना अधिक आक्सीजन देता है पाकड़,फल पेड

आयुर्वेद के अनुसार जितनी लंबी उम्र, उतना अधिक आक्सीजन देता है पाकड़,फल पेड टेकचंद्र सनोडिया …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *