नई दिल्ली । प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीबीआई के हीरक जयंती समारोह में कहा कि भ्रष्टाचार प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन होता है और यहीं से भाई-भतीजावाद, परिवारवाद को बल मिलता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विगत सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के हीरक जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जहां भ्रष्टाचार होता है, वहां युवाओं …
Read More »देशातील जनगणना का रखडली?विश्लेषण…वाचा…!
देशात जनगणना बंधनकारक आहे का? देशातील लोकसभा, विधानसभेच्या मतदारसंघ पुनर्रचनेच्या संदर्भात जनगणनेचा उल्लेख राज्यघटनेत अनेकदा आढळतो. जनगणना कधी करावी, किती वर्षांनी करावी, याबाबत राज्यघटना किंवा भारतीय जनगणना कायदा १९४८ मध्ये उल्लेख नसला तरी ती दर दहा वर्षांनी करण्याचा शिरस्ता आहे. देशात १८८१ मध्ये पहिल्यांदा जनगणना झाली असून अजूनही त्यात खंड पडलेला नाही. त्यामुळे कालावधीबाबत कायदेशीर बंधन नसले तरी उपयुक्तता म्हणून …
Read More »विकास कार्यों से भ्रष्टाचार अलग कर दें,तो सपने हो सकते हैं साकार!
रायपुर । बीकेएस रे, पूर्व अपर मुख्य सचिव, रायपुर. छत्तीसगढ़ के सामने सबसे बड़ी समस्या विकास की है। विकास का अर्थ है कि जो भी बने, उसमें उच्च गुणवत्ता हो।उन्होने कहा कि विकास तो हो रहा है, लेकिन इसमें भ्रष्टाचार का बोलबाला है। भ्रष्टाचार और विकास दोनों साथ-साथ नहीं चलना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि विकास के काम में …
Read More »२००० रुपयांची नोट घरबसल्या बदलता येणार काय?प्रक्रिया कोणती?
भारतीय रिझर्व्ह बँक ने १९ मे रोजी संध्याकाळी २००० रुपयांच्या नोटेबाबत मोठी घोषणा केली. घोषणेनंतर लोकांमध्ये पुन्हा भीतीचे वातावरण निर्माण झाले आहे. २०१६ मध्ये जेव्हा सरकारने नोटाबंदीची घोषणा केली. लोकांना नोटा बदलण्यासाठी लांब रांगेत उभे राहावे लागले होते. यावेळी नोटा बदलून घेण्यासाठी ३० सप्टेंबरची मुदत देण्यात आली आहे. आतापर्यंतच्या आरबीआयच्या मार्गदर्शक तत्त्वांनुसार २००० रुपयांच्या नोटा ३० सप्टेंबरपर्यंत वैध राहतील. जर …
Read More »राजनैतिक भ्रष्टाचार को समाप्त करने की छल कपट पूर्ण कार्यवाई से मचा हंगामां?
नई दिल्ली । देश में विरोधी पक्ष के भूतपूर्व य वर्तमान राजनेताओं पर ईडी और सीबीआई द्वारा की जा रही छापेमारी कार्यवाई से भारी हंगामा हो रहा है। और विपक्ष देश में लोकतांत्रिक संस्थानों, स्वतंत्रता और स्वतंत्रता पर खतरे और सभी के कब्जे पर अपनी ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त कर रहा है। सत्ताधारी राजनेताओं के नेतृत्व वाली सरकार की संस्थाओं के …
Read More »उन्हाळ्यात कूल, हायड्रेटेड राहण्यासाठी कोणते फळ फायदेशीर?लिंबू पाणी, आंबा, ताक आणि…!
उन्हाळ्यात अनेकांना डिहायड्रेशनची समस्या जाणवू लागली आहे. या सीझनमध्ये खाण्या-पिण्यात थोडासाही बदल झाला तरी त्याचे परिणाम लगेच आपल्या आरोग्यावर दिसून येतात. डिहायड्रेशन, उष्माघात याव्यतिरिक्त शरीरातील आम्लाचे प्रमाण वाढू लागते. यामुळे पीएच संतुलन बिघडू शकते, तसेच बेसलाइन बायोलॉजीला त्रास होऊ शकतो. याशिवाय तुमच्या होमिओस्टॅसिस आणि पचनावर परिणाम होऊ शकतो. आयुर्वेदानुसार, उन्हाळा हा त्वचेच्या आरोग्यासाठी एक चांगला काळ असतो. कारण घामाच्या माध्यमातून …
Read More »कडी सुरक्षा के बीच जम्मू-कश्मीर में जी-20 शिखर सम्मेलन : सभी तैयारिया पूर्ण
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर मे जी-20 शिखर सम्मेलन के दृष्टिकोण से कडी सुरक्षा को हाई अलर्ट पर रखा गया । क्योंकि 2019 में जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय शिखर-सम्मेलन होने जा रहा है। श्रीनगर, एएनआई: जम्मू और कश्मीर का श्रीनगर सोमवार को तीसरी जी20 टूरिज्म वर्किंग ग्रुप की बैठक की मेजबानी …
Read More »मध्यप्रदेश में हर गरीब परिवार के पास होगा आवासीय भू-खण्ड : मुख्यमंत्री चौहान का अभिकथन
पन्ना। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती पर हर गरीब परिवार के पास आवासीय भू-खण्ड रहेगा। उन्हें आवासीय भू-अधिकार-पत्र दिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय के छात्र अच्छे कृषि वैज्ञानिक बन किसानों के हित में कार्य कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगे। पन्ना जिले के विकास के लिये हर …
Read More »रेवडी कल्चर मुफ्तखोरी ने सरकार का किया बंटाधार : सभी राज्य कर्जदार
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रेवड़ी कल्चर’मुफ्तखोरी पर दिए बयान पर सियासी घमासान मचा हुआ है. हालांकि, एक महीने पहले आरबीआई की रिपोर्ट आई थी, जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकारें मुफ्तखोरी की योजनाओं पर जमकर खर्च कर रहीं हैं, जिससे वो कर्ज के जाल में फंसती जा रहीं हैं.क्योंकि देश के अधिकांश राजनेताओं के दलाल लोगों को …
Read More »जनसंख्या में वृद्धि और मुफ्तखोरी की वजह से मंहगाई की मार झेल रहे है लोग
नई दिल्ली। सरकार जब भी बजट प्रस्तुत करती हैं मंदी और महंगाई से आम लोगों को न केवल राहत देने की बात करते हैं, बल्कि आदमी जन संख्या का बोझ कम करने , मुफ्तखोरी और भ्रष्टाचार कम करने की बात भी करते हैं, लेकिन होता इसके विपरीत है। और यही कारण है कि आज भारत में महंगाई चर्चित मुद्दा बनी …
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