Breaking News

धार्मिक

भाग:291) अटल वरदानी हैं भोले-भाले भक्तों मे बसे है भगवान बटेश्वर शंकर भोलेनाथ 

भाग:291) अटल वरदानी हैं भोले-भाले भक्तों मे बसे है भगवान बटेश्वर शंकर भोलेनाथ टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट बटेश्वर एक समृद्ध इतिहास के साथ सबसे पुराने गांवों में से एक है। यह भारत में महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र में से एक है। बटेश्वर स्थल यमुना और शौरीपुर के तट पर स्थित 101 शिव मंदिरों के लिए जाना जाता है। …

Read More »

(भाग:290) चराचर जगत के कल्याण और मोक्ष के दाता हैं भगवान शिव शकर भोलेनाथ

भाग:290) चराचर जगत के कल्याण और मोक्ष के दाता हैं भगवान शिव शकर भोलेनाथ टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट ज‌िन भगवान श‌िव के दर्शन करने मात्र से ही मोक्ष की प्राप्त‌ि हो जाती है,चराचर जगत कल्याण और मोक्ष के दाताहैं भगवान शिव शंकर भोलेनाथ महादेव ने भी सद‌ियों पहले मोक्ष पाने के ल‌िए यहां तपस्या की थी। हम आपको बता …

Read More »

(भाग:289) झारखण्ड राज्य के देेवधर बैजनाथ धाम में ज्‍योत‍िर्लिंग के साथ यहां शक्तिपीठ भी है

भाग:289) झारखण्ड राज्य के देेवधर बैजनाथ धाम में ज्‍योत‍िर्लिंग के साथ यहां शक्तिपीठ भी है टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बैजनाथ धाम में स्‍थापित श‍िवलिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से नौवां ज्योतिर्लिंग है। यह देश का पहला ऐसा स्‍थान है जो ज्योतिर्लिंग के साथ ही शक्तिपीठ भी है। यूं तो ज्योतिर्लिंग की कथा कई पुराणों …

Read More »

(भाग:288) देवाधिदेव महादेव भगवान शिव को संघार यानी मृत्यू का देवता माना जाता है। 

भाग:288) देवाधिदेव महादेव भगवान शिव को संघार यानी मृत्यू का देवता माना जाता है। टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट ब्रह्मा सृष्टिकर्ता माने जाते हैं और शिव संहार-कर्ता, तथापि ब्रह्मा की पूजा नहीं होती, उनके मंदिर एक-दो स्थानों पर ही स्थित हैं, पर शिव घर-घर में पूजे जाते हैं और छोटे-बड़े, उनके अनगिनत मंदिर हैं। ऐसा इसलिए कि शिव हमारे भय …

Read More »

(भाग:287) शिवलिंग पिंड स्थापन विधिवत कर पूजा सृष्टी में शिव समान कोई नही दूजा 

भाग:287) शिवलिंग पिंड स्थापन विधिवत कर पूजा सृष्टी में शिव समान कोई नही दूजा   टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट   चेतन्य कुंज में चल रही शिव कथा में प्रवचन देते हुए कथावाचक स्वामी चेतथनगिरी महाराज ने शिव महिमा का बखान करते कहा कि संसार में सबसे सरल पूजा भगवान शिव की है, जो मात्र पवित्र जल के लोटे के …

Read More »

(भाग:286) शिव अनादि ब्रम्ह देवाधिदेव महादेव की महिमा और रुद्र के 19 अवतारों का रहस्य

भाग:286) शिव अनादि ब्रम्ह देवाधिदेव महादेव की महिमा और रुद्र के 19 अवतारों का रहस्य टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट सनातन धर्म में शंकर जी को संहार का देवता कहा जाता है। शंंकर जी सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं। शंकर या महादेव आरण्य संस्कृति जो आगे चल कर सनातन में शिव धर्म (शैव धर्म) नाम से …

Read More »

(भाग:285) भक्तजनों के लिए करुणा के सागर है भगवान देवाधिदेव महादेव की जय हो

भाग:285) भक्तजनों के लिए करुणा के सागर है भगवान देवाधिदेव महादेव की जय हो टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट भगवान शिव करुणा के सागर हैं। वे अपने भक्त पर जितनी जल्दी करुणा बरसाते हैं उतनी जल्दी कोई देवता प्रसन्न नहीं होता। भगवान शिव को प्रसन्न करना बेहद आसान है। वे तो महज एक लोटा जल से ही प्रसन्न हो जाते …

Read More »

बागेश्वर बाबाविरोधात नागपुरात दाखल झालाय गुन्हा : जुमदेव महाराजांबाबत आक्षेपार्ह वक्तव्य

मानवधर्माची शिकवण देणाऱ्या बाबा जुमदेव महाराज आणि त्यांच्या परमात्मा एक सेवकांबद्दल वादग्रस्त व आक्षेपार्ह विधान बागेश्वर धामचे धीरेंद्र शास्त्री महाराज उर्फ बागेश्वर बाबा यांनी भंडाऱ्याच्या मोहाडीत झालेल्या भागवत सप्ताहात केले.   बागेश्वर बाबांच्या या वक्तव्यामुळे बाबा जुमदेव महाराज यांना मानणाऱ्या हजारो सेवकांच्या भावना दुखावल्या आहेत. या बागेश्वर बाबांविरुद्ध गुन्हे दाखल करून दुपारी ४ वाजेपर्यंत अटक करावी, अशी मागणी केली जात …

Read More »

(भाग:283)भगवान निष्ठावान सज्जन जन भक्तों के मासूम व्यवहार से बहुत ही प्रशन्न रहते है

भाग:283)भगवान निष्ठावान सज्जन जन भक्तों के मासूम व्यवहार से बहुत ही प्रशन्न रहते है टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट साधना में प्रमुख मन है , इंद्रियाँ नहीं प्यारी | मोक्ष अरु बंधन का कारण , एक मन ही प्रिय | प्रथम कुरु हरि ध्यान मन ते , जैसी रुचि हो प्रिय | साधना में है प्रमुख मन, इंद्रियां नहीं प्यारे …

Read More »

(भाग:284) चार प्रकार के भक्तों में ज्ञानी भक्त भगवान को बहुत ही प्रिय है माने गये है

भाग:284) चार प्रकार के भक्तों में ज्ञानी भक्त भगवान को बहुत ही प्रिय है माने गये है टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट ज्ञानी भक्त अधिक उच्च कोटिका समझा जाता है। क्योंकि मैं ज्ञानियों का आत्मा हूँ इसलिये उसको अत्यन्त प्रिय हूँ। संसार में यह प्रसिद्ध ही है कि आत्म ज्ञानी ही भगवान को सबसे प्रिय होता है। इसलिये ज्ञानीका आत्मा …

Read More »