Breaking News

धार्मिक

(भाग:282)निष्कलं,निष्पाप और निरपराध भक्तों की अंतरात्मा की आबाज सुनता और आत्मरक्षा भी करता है ईश्वर 

भाग:282),निष्कलं,निष्पाप और निरपराध भक्तों की अंतरात्मा की आबाज सुनता और आत्मरक्षा भी करता है ईश्वर टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट श्रीमद्भागवत में सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान मौजूद है। श्रीमद्भागवत अतीत में मौजूद समस्याओं और वर्तमान में मौजूद समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करता है। भागवत के समुचित श्रवण से भविष्य की समस्याओं का भी समाधान हो सकता है। श्रीमद्भागवत …

Read More »

(भाग : 281) परमात्मा सर्व व्यापक सबके ह्रदय में विराजमान है उन्ही से मिलती निरंतर स्मृति ज्ञान और विस्मृतियां

(भाग : 281) परमात्मा सर्व व्यापक सबके ह्रदय में विराजमान है उन्ही से मिलती निरंतर स्मृति ज्ञान और विस्मृतियां टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट सर्वस्य चाहं हृदय सन्निविष्टो मत्तः स्मृतिर्जनमोहनं च | वेदैश्च सर्वैरहमेव वेद्यो वेदांतकृद्वेदविदेव चाहम् || 15 अनुवाद श्रीमदभागवत गीता भगवान श्रीकृष्णचंद्र कहते हैं कि मैं सर्व व्यापक सबके हृदय में विराजमान हूं और मुझसे ही स्मृति, ज्ञान …

Read More »

(भाग:280)जिस व्यक्ति में ईश्वरीयपूर्ण प्रेम भक्ति,आस्था और करुणा है, ईश्वर उसके भीतर विराजमान है

भाग:280)जिस व्यक्ति में ईश्वरीयपूर्ण प्रेम भक्ति,आस्था और करुणा है, ईश्वर उसके भीतर विराजमान है टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट यजुर्वेद में कहा गया है कि परमेश्वर ऊपर से, नीचे से, बीच से, इधर-उधर से किसी भी तरह किसी की पकड़ या अधीन में नहीं आ सकता है। जिस व्यक्ति में प्रेम और करुणा है, ईश्वर उसके भीतर विराजमान है जिस …

Read More »

(भाग:279) भविष्य पुराण के अनुसार छल-कपट विश्वासघात बेईमानी और भ्रष्टाचार से कमाया धन अशांति पैदा करता है

भाग:279) भविष्य पुराण के अनुसार छल-कपट विश्वासघात बेईमानी और भ्रष्टाचार से कमाया धन अशांति पैदा करता है टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट भविष्य पुराण के अनुसार जो व्यक्ति अपने जीवन काल में झूठ छल,कपट,विश्वासघात बेईमानी, अन्याय और भ्रष्टाचार से धन दौलत कमाता है वह धन दौलत जीवन में अशांति और बेचैनी पैदा करती है। ऐसे धन को धर्म के काम …

Read More »

(भाग:278) जीव पर ईश्वर की असीम कृपा होती है तभी जीव को मनुष्य योनि प्राप्त होती है। 

भाग:278) जीव पर ईश्वर की असीम कृपा होती है तभी जीव को मनुष्य योनि प्राप्त होती है। टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट जब जीव पर ईश्वर की असीम कृपा होती है तभी जीव को मनुष्य योनी प्राप्त होती है। मनुष्य मानव जीवन के सहारे अपने पिछले वर्तमान व भविष्य को ठीक कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। मानव …

Read More »

भारतातील कोणत्या शहरांतील होळी असते अविस्मरणीय?

संपूर्ण देशात हा सण उत्साहाने साजरा केला जातो, तरी भारतात काही ठिकाणे अशी आहेत जिथे या सणाची मजा काही औरच असते. त्या ठिकाणी जाऊन होळी साजरी करायची, रंग खेळायची एक वेगळीच मजा असते. तिथे गेल्यावर तुमची होळीची मजा दुप्पट होते. अशा कोणत्या जागा, शहरं आहेत ते जाणून घेऊया.. मथुरा होळीचे नाव येताच मथुरेची आठवण येते. येथील होळी सर्वात अनोखी असते. …

Read More »

(भाग:277) मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के नाम में छिपा है गूढ़ रहस्य?108 बार राम नाम लेने से कल्याण 

भाग:277) मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के नाम में छिपा है गूढ़ रहस्य?108 बार राम नाम लेने से कल्याण टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की भक्ति से सकल कल्याण संभव है। आज भी देश के अधिकांश गांव ऐसे हैं जहां एक दूसरे को अभिवादन करने के लिए राम-राम कहते हैं। लेकिन जरा सोचिए भगवान राम का नाम अभिवादन करते …

Read More »

इको-फ्रेंडली होली: महिला शक्ति ग्रुप ने उजागर किया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इको-फ्रेंडली होली: महिला शक्ति ग्रुप ने उजागर किया पर्यावरण संरक्षण का संदेश टेकचंद सनोडिया शास्त्री:सह-संपादक रिपोर्ट महिलाएं घर का आधार होती है तथा वे एक अच्छे समाज का निर्माण भी करती हैं। यह कहना है महिला शक्ति ग्रुप की अध्यक्ष रजनी बदरा का।मौका था फागोत्सव का। स्वामी विवेकानंद कॉलोनी में आयोजित कार्यक्रम में महिला शक्ति ग्रुप की महिलाओं ने इको …

Read More »

(भाग:276) कौटिल्यमुनि का सिद्धांत,ऋषि चाणक्य की विचारधारा, समकालीन समय में शिक्षाओं की प्रासंगिकता

भाग:276) कौटिल्यमुनि का सिद्धांत,ऋषि चाणक्य की विचारधारा, समकालीन समय में शिक्षाओं की प्रासंगिकता टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट एक प्रकांड विद्वान तथा एक गंभीर चिंतक के रूप में कौटिल्य तो विख्यात है ही, एक व्यावहारिक एवं चतुर राजनीतिज्ञ के रूप में भी उन्हे ख्याति मिली है। नंदवंश के विनाश तथा मगध साम्राज्य की स्थापना एवं विस्तार में उनका ऐतिहासिक योगदान …

Read More »

(भाग:275) जानिए राम नाम की महिमा कई अर्थ छिपे हैं इस दो अक्षर के नाम में

भाग:275) जानिए राम नाम की महिमा कई अर्थ छिपे हैं इस दो अक्षर के नाम में टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट नई दिल्ली। शास्त्रों में ऐसे कई श्लोक मिलते हैं, जिसमें राम नाम के अर्थ और महिमा का वर्णन किया गया है। शास्त्रों में निहित एक श्लोक के अनुसार, “रमन्ते योगिनः अस्मिन सा रामं उच्यते”। जिसका अर्थ है कि योगी …

Read More »