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धार्मिक

(भाग:295) माता रानी राजराजेश्वरी भगवती देवी कुष्माण्डा की मंहिमां अपरम्पार

भाग:295) माता रानी राजराजेश्वरी भगवती देवी कुष्माण्डा की मंहिमां अपरम्पार टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट मां भगवती देवी कूष्मांडा की महिमा अद्वितीय है. इनकी उपासना शांत मन से और मधुर ध्वनि के साथ करनी चाहिए. मां कूष्मांडा की पूजा से अजेय रहने का वरदान मिलता है. कहते हैं जब संसार में चारों ओर अंधियारा छाया था, तब मां कूष्मांडा ने …

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(भाग:294) देवाधिदेव महादेव भगवान शिव के सबसे परमभक्त है पं दशानन रावण महाराज

भाग:294) देवाधिदेव महादेव भगवान शिव के सबसे परमभक्त है पं दशानन रावण महाराज टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट देवाधिदेव महादेव भगवान शिव के सबसे परम् भगत कौन था? तो उसे महान प्रकाण्ड विद्धान पं दशानन रावण महाराज कानाम आता है नन्दी जी।। वो सबसे प्रिय थे शिव जी को।। किसी भक्त की पूजा हो ना हों नन्दी जी की पूजा …

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गायत्री परिवारतर्फे महादुला येथे गुडीपाडवा साजरा

गुडीपाडव्या निमित्त ग्रामगीता भवन आश्रम महादुला येथे वंदनीय राष्ट्रसंतांची ध्यान -प्रार्थना करुन श्रीगुरुदेव सेवा मंडळ व धनगौवळी जेष्ट नागरिक मंडळ, गायत्री परीवार तर्फे.आश्रम ते तुकडोजी पुतळा पर्यंत नगर फेरी घेऊन. महाराजांच्या पुतळ्याला पुष्पहार व गुडी ऊभारुन .राष्ट्रसंतांची राष्ट्र वंदना घेण्यात आली. या प्रसंगी. आयोजक.कांमठी तालुका सेवाधीकारी श्री प्रकाशराव भालेराव, नागपुर जिल्हा मुख्य प्रचारक श्री. पुंडलीक बाबु चौधरी, धनगौवळी जेष्ट मंडळ …

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(भाग:293) जानिए देवाधिदेव महादेव को अपना मांस अर्पण करने वाले महान तामिली भक्त कन्नप्पा नयनार की कहाणी

भाग:293) जानिए देवाधिदेव महादेव को अपना मांस अर्पण करने वाले महान तामिली भक्त कन्नप्पा नयनार की कहाणी टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट हिन्दू धर्म में महादेव के एक से बढ़कर एक भक्तों का वर्णन मिलता है। किन्तु उनमें से एक भक्त ऐसे भी थे जो किसी भी पूजा विधि को नहीं जानते थे। उन्होंने हर वो चीज की जो शास्त्र …

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(भाग:292) देवाधिदेव महादेव भगवान शिव का वैज्ञानिक दृष्टिकोण : शिवोहम् में समाहित सारी सृष्टि

भाग:292) देवाधिदेव महादेव भगवान शिव का वैज्ञानिक दृष्टिकोण : शिवोहम् में समाहित सारी सृष्टि टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट नई दिल्ली। शिव आदि योगी हैं, प्रथम गुरु हैं और प्रथम योगी हैं। बहुत कम अवसर होते हैं, जब शिव क्रोध करते हैं, परन्तु जब उन्हें क्रोध आता है तो वे विनाश कर देते हैं। भगवान शिव सनातन धर्म के सर्वशक्तिमान …

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राघादेवी के दुर्गा माता मंदिर से सीतला माई देवस्थान कपूर्दा तक 9 दिवसीय विशाल चुनरी पदयात्रा

राघादेवी के दुर्गा माता मंदिर से सीतला माई देवस्थान कपूर्दा तक 9 दिवसीय विशाल चुनरी पदयात्रा टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट छिदवाडा:-जय माता दी।।सादर आमंत्रण।।जय माता दी।।राष्ट्र के विकास हेतु तथा देश की जनता के कल्याण हेतु कोरोनाकाल मे अत्यंत संकटकाल मे संकटमोचक माता दुर्गा की अराधना कर पैदल चलकर मा भगवती को प्रसन्न करने का संकल्प लिया था। जनता …

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भाग:291) अटल वरदानी हैं भोले-भाले भक्तों मे बसे है भगवान बटेश्वर शंकर भोलेनाथ 

भाग:291) अटल वरदानी हैं भोले-भाले भक्तों मे बसे है भगवान बटेश्वर शंकर भोलेनाथ टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट बटेश्वर एक समृद्ध इतिहास के साथ सबसे पुराने गांवों में से एक है। यह भारत में महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र में से एक है। बटेश्वर स्थल यमुना और शौरीपुर के तट पर स्थित 101 शिव मंदिरों के लिए जाना जाता है। …

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(भाग:290) चराचर जगत के कल्याण और मोक्ष के दाता हैं भगवान शिव शकर भोलेनाथ

भाग:290) चराचर जगत के कल्याण और मोक्ष के दाता हैं भगवान शिव शकर भोलेनाथ टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट ज‌िन भगवान श‌िव के दर्शन करने मात्र से ही मोक्ष की प्राप्त‌ि हो जाती है,चराचर जगत कल्याण और मोक्ष के दाताहैं भगवान शिव शंकर भोलेनाथ महादेव ने भी सद‌ियों पहले मोक्ष पाने के ल‌िए यहां तपस्या की थी। हम आपको बता …

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(भाग:289) झारखण्ड राज्य के देेवधर बैजनाथ धाम में ज्‍योत‍िर्लिंग के साथ यहां शक्तिपीठ भी है

भाग:289) झारखण्ड राज्य के देेवधर बैजनाथ धाम में ज्‍योत‍िर्लिंग के साथ यहां शक्तिपीठ भी है टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बैजनाथ धाम में स्‍थापित श‍िवलिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से नौवां ज्योतिर्लिंग है। यह देश का पहला ऐसा स्‍थान है जो ज्योतिर्लिंग के साथ ही शक्तिपीठ भी है। यूं तो ज्योतिर्लिंग की कथा कई पुराणों …

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(भाग:288) देवाधिदेव महादेव भगवान शिव को संघार यानी मृत्यू का देवता माना जाता है। 

भाग:288) देवाधिदेव महादेव भगवान शिव को संघार यानी मृत्यू का देवता माना जाता है। टेकचंद्र सनोडिया शास्त्री: सह-संपादक रिपोर्ट ब्रह्मा सृष्टिकर्ता माने जाते हैं और शिव संहार-कर्ता, तथापि ब्रह्मा की पूजा नहीं होती, उनके मंदिर एक-दो स्थानों पर ही स्थित हैं, पर शिव घर-घर में पूजे जाते हैं और छोटे-बड़े, उनके अनगिनत मंदिर हैं। ऐसा इसलिए कि शिव हमारे भय …

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